Monday, September 18, 2023

प्रेग्नेंसी से लेकर Breast Feeding तक , महिलाओं के लिए रामबाण है मेथी दाना

 

हर इंसान स्वस्थ रहना चाहता है इसलिए अपनी कमाई का एक मोटा हिस्सा डॉक्टर पर खर्च करता है। हालांकि आजकल की बदलती लाइफस्टाइल के चलते स्वस्थ पर बहुत बुरा असर पड़ता है और कोई- न- कोई बीमारी खासकर महिलाओं को चपेट में लेती है। आप बीमारियों से बचने के लिए और कुछ को हेल्दी रखने के लिए मेथी दाना का घरेलू नुस्खा अपना सकते हैं। मेथी दाने में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, पोटेशियम, जिंक, विटामिंस और मिनरल्स से भरपूर होता है।  इसके सेवन से महिलाओं को किस तरह से लाभ मिलता है, आइए आपको बताते हैं इसके बारे में..


ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं

ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं के लिए मेथी दाना बहुत फायदेमंद है। इससे बनी चाय या इसका पानी पीने से दुध का उत्पादन बढ़ता है।


प्रेग्नेंट महिलाओं

प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी मेथी दाना काफी फायदेमंद है। इससे हार्मोन बैलेंस होता है, साथ ही इसमें आयरन की प्रचुर मात्रा होने से खून की कमी नहीं होती है।

पीरियड्स के दर्द से राहत

मेथी दाना का सेवन करने से महिलाओं को पीरियड्स के दर्द में राहत मिलती है।

ब्लड शुगर को कंट्रोल
इसके अलावा मेथी दाना ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। डायबिटीज के मरीज मेथी के दानों को पानी में फुला दें। फिर अगली सुबह इसे चबा- चबा कर खा लें।

कब्ज या पेट की समस्या

कब्ज या पेट की समस्याओं से जूझ रहीं महिलाएं मेथी दाना को पानी में भिगोकर या फिर पाउडर बनाकर उसका सेवन कर सकती हैं। 

Friday, September 1, 2023

Worst Food For Kidney: किडनी को बर्बाद कर देते हैं ये 5 फूड, तुरंत बंद कर दें इनका सेवन


 5worst foods: किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं. ये हमारे शरीर से गंदगी को बाहर निकालने और खून को साफ करने का काम करते हैं. किडनी हमारे शरीर में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, रेड ब्लड सेल्स के निर्माण और हार्मोन के उत्पादन में मदद करते हैं.

ऐसे में किडनी की सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है. हालांकि, हमारे आसपास कुछ ऐसे फूड हैं जो किडनी के कामों में रुकावट पैदा करते हैं. इन चीजों का अधिक सेवन किडनी को खराब कर सकता है. आइए जानते हैं कि किडनी की सेहत को कौन-कौन से फूड नुकसान पहुंचाते हैं.


प्रोसेस्ड फूड्स

प्रोसेस्ड फूड्स में अक्सर सोडियम, चीनी और सेचुरेटेड फैट की अधिक मात्रा होती है. ये सभी तत्व किडनी की सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं. प्रोसेस्ड फूड्स के बजाय ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं.


हाई सोडियम डाइट

सोडियम किडनी के लिए एक बोझ हो सकता है. हाई सोडियम डाइट से किडनी में सूजन हो सकती है और उसे नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए नमक का कम इस्तेमाल करें और प्रोसेस्ड फूड्स से बचें.


चीनी का ज्यादा सेवन

हाई चीनी डाइट से डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है. डायबिटीज किडनी की बीमारी का एक प्रमुख कारण है. चीनी की मात्रा कम करने के लिए, मीठे पेय पदार्थों, मीठे डेयरी उत्पादों और मीठे स्नैक्स से बचें.

हाई प्रोटीन डाइट

हाई प्रोटीन आहार से किडनी में गंदगी को बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है. इससे किडनी डैमेज हो सकती है. प्रोटीन की मात्रा कम करने के लिए, मांस, मछली और अंडे की मात्रा सीमित करें. अगर आप प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेते हैं, तो एक बार डॉक्टर से मिल लें.


शराब

शराब किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे किडनी की सूजन और फाइब्रोसिस हो सकता है. इसलिए अल्कोहल का सेवन कम या इससे बचें.


Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

Sunday, August 27, 2023

वजन कम करने के लिए जीरे का पानी या एप्पल साइड विनेगर में से क्या है ज्यादा बेहतर? जानें एक्सपर्ट की राय

 

जंक फूड का सेवन करने से सेहत पर कई तरह के हानिकारक प्रभाव देखने को मिलते हैं। खानपान की गलत आदतों की वजह से लोगों में मोटापा बढ़ने लगता है। इसके अलावा, शारीरिक  गतिविधियों में कमी के कारण भी वजन बढ़ सकता है।

इसकी वजह से लोगों को डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर आदि समस्याएं होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों मोटापा और वजन को कम करने के लिए कई तरह के घरेलू उपायों को अपनाते हैं। मोटापा दूर करने के लिए गुनगुने पानी में नींबू और शहद डालकर पीना फायदेमंद होता है। डायटिशियन शिवाली गुप्ता से जानते हैं कि मोटापा दूर करने के लिए जीरे का पानी और एप्पल साइडर विनेगर कैसे फायदेमंद होते हैं।

वजन कम करने के लिए एप्पल साइडर विनेगर के फायदेमंद - Benefits For Apple Cider Vinegar For Weight Loss In Hindi

ब्लड शुगर को रेगुलेट करें

एप्पल साइडर विनेगर ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होता है। इंसुलिन की संवेदनशीलता में सुधार होता है और ब्लड शुगर का लेवल कंट्रोल होता है। इससे वजन नियंत्रित रहता है।

फैट को बर्न करता है

एप्पल साइडर विनेगर में एसिटिक एसिड पाया जाता है, जो फैट को बर्न करने में सहायक होता है। शरीर का फैट कम होने से वजन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

भूख को शांत करता है

एप्पल साइडर विनेगर का सेवन करने से आपकी भूख शांत होती है। जिससे आपको बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती है और इसकी वजह से आपका वजन नियंत्रित रहता है।

एप्पल साइडर विनेगर का सेवन कब करें?

वजन को कन करने के लिए एप्पल साइडर विनेगर का सेवन खाना खाने के पहले करने की सलाह दी जाती है। इसका सेवन खाना खाने से 15 से 20 मिनट पहले करना चाहिए। एक गिलास पानी में करीब एक से दो चम्मच एप्पल साइडर मिलाकर सेवन कर सकते हैं।

वजन कम करने के लिए जीरे का पानी पीने के फायदेमंद - Benefits For Cumin Seeds Water For Weight Loss In Hindi

मेटाबॉलिज्म को बूस्ट

शरीर के सभी अंगों को संचालन के लिए एनर्जी की आवश्यक होती है और यह एनर्जी मेटाबॉलिज्म अंगों को प्रदान करता है। जीरे के पानी से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है।

पाचन बेहतर करें

जीरे का पानी पाचन क्रिया को बेहतर करता है। जीरे में पाए जाने वाले एंजाइम्स पाचन क्रिया के आवश्यक डाइजेस्टिव जूस को बढ़ाने में सहायक होत हैं। इससे आहार से पोषक तत्व का अवशोषण आसानी से होता है और आपको मोटापे की समस्या नहीं होती है।

जीरे का पानी कैसे पिएं?

मोटापे को तेजी से कम करने के लिए आप करीब दो गिलास पानी को गैस पर उबालें। इसमें करीब एक चम्मच जीरे को मिला दें। जब पानी आधा रह जाए, तो गैस बंद कर दें। इस पानी के गुनगुना करके पीने से वजन कंट्रोल में रहता है।

वजन को कम करने के लिए एप्प्ल साइडर विनेगर या जीरे का पानी में से क्या बेहतर होता है? Which Is Best For Weight Loss?

वजन को कम करने में एप्पल साइडर विनेगर और जीरे का पानी दोनों ही बेहतर होते हैं। लेकिन, अगर बात दोनों में से किसी एक चीज की आती है, तो यह कहा जा सकता है कि इसके प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों में जीरे के पानी से तेजी से मोटापा दूर होता है। जबकि, कुछ लोगों को एप्पल साइडर विनेगर से फायदा देखने को मिलता है। डाइट में बदलाव के साथ ही लाइफस्टाइल में योग व एक्सरसाइज को शामिल करने से भी मोटापा तेजी से दूर होने में मदद मिलती है।

मोटापा दूर करने के लिए आप अपनी इच्छा अनुसार किसी भी उपाय का चुनाव कर सकते हैं। इन दोनों में ही वजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। इसके साथ ही आप बाहर का जंक फूड खाने से बचें और शराब व धूम्रपान का सेवन भी कम करें।

Saturday, August 26, 2023

27 अगस्त को है पुत्रदा एकादशी, जानिए महत्व, पूजाविधि और पौराणिक कथा


 सनातन धर्म में एकादशी तिथि को समस्त पापों का नाश करने करने और पुण्य अर्जित करने वाली तिथि के रूप में माना गया है। श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा या पवित्रा एकादशी कहा जाता है।

एकादशी तिथि भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इस दिन समस्त सुखों एवं सिद्धियों को प्रदान करने वाले श्री भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस बार पवित्रा एकादशी 27 अगस्त, रविवार को मनाई जाएगी।

पवित्रा एकादशी का महत्व

पवित्रा एकादशी को मोक्ष देने वाली एकादशी के रूप में भी जाना जाता है। इस विशेष दिन पर व्रत करने से जीवन के सभी नकारात्मक प्रभाव व सभी बाधाएं दूर होती हैं। पदमपुराण के अनुसार संतान प्राप्ति की कामना के लिए इस व्रत को अमोघ माना गया है। इस व्रत को करने वाले भक्तों को न केवल स्वस्थ तथा दीर्घायु संतान प्राप्त होती है बल्कि उनके सभी प्रकार के कष्ट भी दूर हो जाते हैं। वही इस व्रत के प्रभाव से वाजपेयी यज्ञ का फल मिलता है। भगवान विष्णु अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। पवित्रा एकादशी की कथा का श्रवण एवं पठन करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है। वंश वृद्धि होती है तथा समस्त सुख भोगकर वैकुण्ठ की प्राप्ति होती है।

पूजाविधि

इस दिन साधक को प्रातः व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णुजी की पूजा बड़ी ही श्रद्धाभाव से करनी चाहिए। भगवान विष्णु को रोली, मोली, पीले चन्दन, अक्षत, पीले पुष्प, ऋतुफल, मिष्ठान आदि अर्पित कर धूप-दीप से आरती उतारकर दीप दान करना चाहिए। संतान कामना के लिए इस दिन भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा की जाती है। योग्य संतान के इच्छुक दंपत्ति प्रातः स्नान के बाद पीले वस्त्र पहनकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें। इसके बाद संतान गोपाल मंत्र का जाप करना चाहिए। इस दिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ' का जप एवं विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना बहुत फलदायी है। इस दिन भक्तों को परनिंदा, छल-कपट, लालच, द्धेष की भावनाओं से दूर रहकर, श्रीनारायण को ध्यान में रखते हुए भक्तिभाव से उनका भजन करना चाहिए। द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाने के बाद स्वयं भोजन करें।


पवित्रा एकादशी की कथा

कथा के अनुसार द्वापर युग के प्रारंभ का समय था, महिष्मतीपुर में राजा महिजित अपने राज्य का पालन करते थे।निःसंतान होने के कारण राजा बहुत दुःखी रहते थे। प्रजा से राजा का दुःख देखा नहीं गया और वह लोमश ऋषि के पास गये एवं ऋषि से राजा के निःसंतान होने का कारण और उपाय पूछा। लोमश ऋषि ने बताया कि राजा पूर्व जन्म में एक निर्धन वैश्य था।एक दिन जेठ के शुक्ल पक्ष में दशमी तिथि को,जब दोपहर का सूर्य तप रहा था,वह एक जलाशय पर पानी पीने पहुंचा।तभी एक गाय अपने बछड़े सहित वहां पानी पीने आ गई। वैश्य ने पानी पीती हुई गाय को हांककर दूर हटा दिया और स्वयं पानी पीकर प्यास बुझाई।उसी पापकर्म के कारण राजा को निःसंतान रहना पड़ रहा। लोमश ऋषि ने उन लोगों से कहा कि अगर आप लोग चाहते हैं कि राजा को संतान की प्राप्ति हो तो श्रावण शुक्ल एकादशी का व्रत रखें और द्वादशी के दिन अपने व्रत का पुण्य राजा को दान कर दें। राजा के शुभचिंतकों ने ऋषि के बताए विधि के अनुसार व्रत किया और व्रत के पुण्य को दान कर दिया। इससे राजा को सुंदर एवं स्वस्थ्य पुत्र की प्राप्ति हुई।मान्यता है कि जो भी व्यक्ति निःसन्तान है, वो व्यक्ति यदि इस व्रत को शुद्ध मन से पूरा करे तो अवश्य ही उसकी इच्छा पूरी होती है और उसे संतान की प्राप्ति होती है।

किस देश के पास है सबसे ज्यादा ट्रेनें, कौन है रेलवे का बादशाह, ये हैं दुनिया के 5 सबसे बड़े रेल नेटवर्क


 दुनिया में रेल नेटवर्क के मामले में भारत चौथे नंबर पर है, जबकि साइज़ के मामले में भारत सातवे नंबर पर. इतनी बड़ी जनसंख्या के साथ भारत का यहां तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है.

भारत का रेल नेटवर्क 70,225 km का है. जो देश के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़ता है. रेलवे लोगों की सहुलियत के अनुसार ट्रेन कोच का संचालन करता है. जिसके चलते ट्रेन से एक दिन में लाखों लोग सफर करते हैं. ट्रेन का सफर जितना आरामदायक है उतना ही किफायती और सस्ता भी है.


लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि दुनिया का वह कौन सा देश है जिसके पास सबसे ज्यादा ट्रेनें है. यानी रेल नेटवर्क के मामले में कौन सा देश पहले नंबर पर है. आज हम आपको बता रहे हैं दुनिया के ऐसे देश के बारे में जहां पर सबसे ट्रेन चलती है. इसके साथ ही हम आपको बताएंगे कि कौन सा देश है जहां अभी तक कोई ट्रेन नहीं चलती.

दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रेन किस देश में चलती है


दुनिया में रेल नेटवर्क के मामले में अमेरिका पहले नंबर है अमेरिका का रेल नेटवर्क 2,57,560 km का है. हालांकि अमेरिका में रेलवे का सबसे ज्याद प्रयोग माल ढुलाई में किया जाता है. इसमें से यात्रियों के लिए सिर्फ 35,000 किलोमीटर हिस्सा यात्रियों के लिए बाकी का करीब 80 फीसदी हिस्सा फ्रेट लाइनों का है. इसके फ्रेट रेलबोर्ड यूएस इकोनॉमी में अहम भूमिका निभाते हैं. इसमें कोयला, तेल और कंटेनर का ज्यादा काम है. यात्री सेवा के लिए मुख्य रूप से प्रमुख शहरों में जन परिवहन और कम्यूटर रेल है. इसमें Amtrak रेलवे बोर्ड पैसेंजर सर्विस के लिए ज्यादा काम करते हैं. वहीं, अगर ट्रेन स्पीड की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा 240 किलोमीटर प्रति घंटे वाली ट्रेन है और जल्द ही इससे भी तेज स्पीड की ट्रेन आ सकती है.

दूसरे, तीसरे नंबर पर है चीन और रूस 


चीन रेल नेटवर्क के मामले में दुनिया में दूसरे नंबर पर है. चीन में 1,50,000 km से ज्यादा का रेल नेटवर्क है. लेकिन हाई स्पीड रेलवे ट्रैक के मामले में चीन 40,000 km के रेलवे नेटवर्क के साथ दुनिया में पहले नंबर पर है. वहीं रूस एरिया के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा देश है लेकिन 85,600 km रेलवे नेटवर्क के साथ तीसरे नंबर पर है. इसके दो कारण हैं, पहला जनसंख्या घनत्व और दूसरा रूस का मौसम जो कि अत्यधिक ठंडा रहता है. रेल नेटवर्क के मामले में भारत चौथे नंबर पर है, जबकि साइज़ के मामले में भारत सातवे नंबर पर.

नहीं चलती कोई ट्रेन 


भारत के पड़ोसी देश भूटान में ट्रेन ही नहीं है. भूटान साउथ एशिया का सबसे छोटा देश है. हालांकि, इसे भारतीय रेलवे से जोड़ने की बात चल रही है. इसके अलावा, अंडोरा यूरोप में छठा और दुनिया में 16वें नंबर पर सबसे छोटे देश के रूप में जाना जाता है. इसके पास भी कभी अपना रेल नेटवर्क नहीं रहा. पूर्वी तिमोर देश में भी कभी रेल नेटवर्क नहीं रहा.

30 अगस्त को पूरे दिन रहेगी भद्रा, जानिए कब मनाएं रक्षाबंधन और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त


 Raksha Bandhan 2023 Date: रक्षाबंधन को भाई-बहन के प्रेम और सदभाव के पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं जिसके बदले में भाई अपनी बहन को भेंट देता है एवं आजीवन उसकी रक्षा का वचन भी देता है।

अच्छे मुहूर्त अथवा भद्रारहित काल में भाई की कलाई पर राखी बांधने से भाई को कार्य सिद्धि और विजय प्राप्त होती है।


सावन पूर्णिमा तिथि और रक्षाबंधन 2023 शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार 30 अगस्त को सुबह 10 बजकर 58 मिनट से पूर्णिमा तिथि लगने साथ ही भद्रा लग जाएगी जो रात को 09 बजकर 01 मिनट तक रहेगी। वहीं दूसरी तरफ श्रावण पूर्णिमा 31 अगस्त को सुबह 07 बजकर 07 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। 30 अगस्त को राखी बांधने का मुहूर्त रात 9 बजकर 01 मिनट से लेकर 31 अगस्त को सुबह 07 बजकर 05 मिनट तक है।


Raksha Bandhan 2023: भद्रा में क्यों नहीं बांधी जाती है भाई को राखी? जानिए क्या है पौराणिक मान्यता


ऐसे बांधें भाई को राखी

वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार वह प्रमुख स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा आपके घर के भीतर प्रवेश करती है,जो आपकी और भाई की समृद्धि के लिए मददगार हो सकती है। रक्षाबंधन के दिन मुख्य द्वार पर ताजे फूलों और पत्तियों से बनी बंधनवार लगाएं और रंगोली से घर को सजाएं। पूजा के लिए एक थाली में स्वास्तिक बनाकर उसमें चंदन, रोली, अक्षत, राखी, मिठाई, और कुछ ताज़े फूलों के बीच में एक घी का दीया रखें।


दीपक प्रज्वलित कर सर्वप्रथम अपने ईष्टदेव को तिलक लगाकर राखी बांधें और आरती उतारकर मिठाई का भोग लगाएं। फिर भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं। इसके बाद उनके सिर पर रुमाल या कोई वस्त्र रखें। अब भाई के माथे पर रोली-चंदन और अक्षत का तिलक लगाकर उसके हाथ में नारियल दें। इसके बाद "येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचल:" इस मंत्र को बोलते हुए भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें।


भाई की आरती उतारकर मिठाई खिलाएं और उनके उत्तम स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य के लिए भगवान से प्रार्थना करें। इसी दिन देवताओं, ऋषियों और पितरों का तर्पण करने से परिवार में सुख शान्ति और समृद्धि बढ़ती है। प्राणी इस दिन नदियों, तीर्थों, जलाशयों आदि में पंचगव्य से स्नान और दान-पुन्य करके आप ईष्ट कार्य सिद्ध कर सकते हैं।


ऐसे शुरू हुई राखी बांधने की परंपरा

पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान विष्णु ने वामन अवतार के रूप में राक्षस राज बलि से तीन पग में उनका सारा राज्य मांग लिया था और उन्हें पाताल लोक में निवास करने को कहा था। तब राजा बलि ने भगवान विष्णु को अपने मेहमान के रूप में पाताल लोक चलने को कहा। जिसे विष्णुजी मना नहीं कर सके। लेकिन जब लंबे समय तक श्री हरि अपने धाम नहीं लौटे तो लक्ष्मीजी को चिंता होने लगी। तब नारद मुनि ने उन्हें राजा बलि को अपना भाई बनाने की सलाह दी।अपने पति को वापस लाने के लिए माता लक्ष्मी गरीब स्त्री का रूप धारण कर राजा बलि के पास पहुंच गईं और उन्हें अपना भाई बनाकर राखी बांध दी। इसके बदले उन्होंने भगवान विष्णु को पाताल लोक से ले जाने का वचन मांग लिया। उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा थी और माना जाता है कि तभी से रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाने लगा है।

Friday, August 25, 2023

Raksha Bandhan: Why Rakhi is not tied during Bhadra period? The reason is related to Shani


 Rakhi, the symbol of brother-sister love, is being celebrated on 30 August.  In such a situation, preparations have started regarding this.  On this day, sisters tie Raksha Sutra, a sacred symbol of love and protection, around the brother's wrist.  On the day of Rakshabandhan, there is a custom of tying rakhi to the watch.  However, this year, Bhadra Kaal is being observed on the day of Rakhi, which will take place on 30 August.  According to religious beliefs, auspicious works are not done during the Bhadra period.  This is the reason why Rakhi is not tied during Bhadra period.  In such a situation, this year the festival of Raksha Bandhan will be celebrated for two days on 30 and 31 August.  Because Bhadra will fall on August 30, tying Rakhi at this time is not considered auspicious at all.  Let's know what is the reason behind not tying Rakhi in Bhadrakal and who was Bhadra?


Know who is Bhadra

 According to religious beliefs, Bhadra is the younger sister of Shaniden.  It is said that Bhadra was born in Rahukaal.  For this reason Bhadra's nature is fierce and turbulent.  For whom she thinks bad, only bad happens to him.  Bhadra also used to think badly about her brother Shani and due to this Shani had to face many problems in his life.  And according to mythology, Suparnakha tied rakhi to her brother Ravana in Bhadra.  After this, he incited Dashanan to abduct Sita by lying.  After this Ravana was annihilated.  At the behest of the gods and goddesses, Bhadra cast her shadow at the time of Ravana's death.  By tying Rakhi in Bhadra period, the entire clan of Ravana was destroyed.


auspicious time to tie rakhi

 This year, Raksha Bandhan will start from 10.59 am on 30th August and the auspicious time of Raksha Bandhan is being formed on 31st August from 7.05 am to 5.00 am.  However, Bhadra will end on 30th at 9:01 PM.  At the same time, the full moon date will end by 7 am on the 31st.  In such a situation, looking at the condition of Bhadra, it would be auspicious to celebrate the festival of Raksha Bandhan before 7 am on 31st.

अगर आप भी करते हैं सब्जियों का इस्तेमाल, तो चेहरे पर आता है नेचुरल ग्लो

  लाइफस्टाइल न्यूज़ डेस्क,सब्जियां कई पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। शरीर को फिट रखने के लिए डाइट में हरी सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है. य...